Friday, 17 February 2017


चला मुर्ख दैहशतगर्दी की राह पे,
काश मासुम बच्चो पे दया दिखाई होती।
अगर पढ लेता वो पाक कुरान सलीके से,
जन्नत पाने को कभी बंदूक ना उठाई होती।

©Gurinder_Singh 2017

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